सोमवार, 16 जून 2008

कहानी आरुषि की...



आरुषि की मौत का राज अब तक नहीं पता चल पाया है.. सीबीआई रोज नई नई कोशिशों की बदौलत ये साबित करने की कोशिश कर रही है.. कि जांच जिस दिशा में जा रही है उससे हत्यारे का पता जल्दी ही चल जाएगा..लेकिन अब भी उसे तलाश है किसी ठोस सबूत की जिसके बिना पर वो ये साबित कर सके कि जांच महज हवाबाजी नहीं है....हालांकि सीबीआई के लिए ये केस भी अबतक के सबसे दुरूह वारदातों में से एक साबित हो रहा है इसमें कोई शक नहीं लेकिन मीडिया के दखल औऱ हर पल की खबर जनता तक पहुंचने से उसके हाथ-पांव भी फूलते नजर आ रहे हैं.. मीडिया में आकर जांच के बारे में बयान देते रहने का दबाव जहां उसके काम पर असर डाल रहा है वहीं लोगों की बेकरारी बढ़ती जा रही है ये जानने की आखिर हत्यारा कौन है...आज केस पर सीबीआई के अफसर के बयान से ये साफ है कि जांच अभी कुछ और वक्त लेगी.. साथ ही यूपी पुलिस पर सीबीआई की टिप्पणियों से ये तो साफ है कि पुलिस ने जिस तरह का गैरजिम्मेदाराना रवैया दिखाया उसने समूचे केस की ऐसी की तैसी कर दी...पुलिसवालों से जनता का भरोसा जिस तरह उठता जा रहा है वो ठीक नहीं..कम से कम बदनामी के जितने दाग यूपी पुलिस पर लग रहे हैं उससे तो साफ है कि इस महकमे में सुधार के लिए कोई सख्त कदम उठाए जाने चाहिए...ये सही है कि पुलिस को कई बार बेहद खराब परिस्थितियों से भी दो चार होना पड़ता है लेकिन वहीं तो उनकी काबिलियत औऱ कर्तव्य परायणता की परीक्षा होती है.. इस केस के बाद भी यूपी पुलिस अगर सबक नहीं लेती और गैरजिम्मेदाराना रवैया रखने वाले पुलिसवालों पर कार्रवाई नहीं करती.. तो इससे यूपी पुलिस की बची-खुची साख भी खत्म हो जाएगी... हालांकि मायावती सरकार की जो कार्यशैली है उससे लगता नहीं है कि कुछ कार्रवाई होगी लेकिन उम्मीद पर दुनिया कायम है. और अच्छे की उम्मीद तो हमेशा बनी रहती है..आज बस इतना ही..अलविदा
आपका हमसफर
दीपक नरेश

2 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

badhai ho aap bhi is daud me shamil ho gaye....

http://www.ndtvkhabar.com/2008/06/15153903/Gopichand-Jasoos.html

Udan Tashtari ने कहा…

सही है. अपडेट करते रहें.